इंडो-बांग्लादेश नौसैनिक संबंध: CORPAT-25 और BONGOSAGAR-25
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | भारतीय नौसेना और बांग्लादेश नौसेना के बीच समन्वित गश्त (CORPAT-25) का छठा संस्करण और द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास BONGOSAGAR-25 का चौथा संस्करण 10 मार्च, 2025 को बंगाल की खाड़ी में शुरू हुआ और 12 मार्च, 2025 तक जारी रहेगा। |
| पृष्ठभूमि | भारत और बांग्लादेश 2018 से समुद्री सुरक्षा और परिचालन सहसंचालन को बढ़ाने के लिए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास कर रहे हैं। |
| पिछले संस्करण | - BONGOSAGAR-23 और CORPAT-23 नवंबर 7 से नवंबर 9, 2023 तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में आयोजित किए गए थे। - इसमें संयुक्त गश्त, सामरिक अभ्यास और पहली बार मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभ्यास शामिल थे। |
| भाग लेने वाली नौसेनाएं | बांग्लादेश नौसेना: बीएनएस ABU UBAIDAH (युद्धपोत) और समुद्री गश्त विमान भारतीय नौसेना: आईएनएस रणवीर (युद्धपोत) और हेलीकॉप्टर |
| उद्देश्य | - अवैध मछली पकड़ने, तस्करी, समुद्री डकैती और मानव तस्करी को रोककर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना। - द्विपक्षीय नौसेना सहयोग और सहसंचालन को बढ़ाना। - खुफिया साझाकरण और निगरानी ऑपरेशन करना। - बंगाल की खाड़ी में समुद्री कानून प्रवर्तन और आर्थिक सुरक्षा में सुधार करना। |
| मुख्य गतिविधियां और अभ्यास | - संयुक्त समुद्री गश्त: अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के साथ निगरानी। - सामरिक और संचार अभ्यास: सामरिक युद्धाभ्यास, संरचना सेलिंग और संचार में सुधार। - सतह तोपखाना अभ्यास: युद्धपोतों द्वारा लाइव-फायर अभ्यास। - मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) ऑपरेशन: खोज और बचाव (SAR) अभ्यास। - तस्करी-रोधी और समुद्री डकैती-रोधी ऑपरेशन: अवैध गतिविधियों को रोकने पर ध्यान। |

