भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | चीन-भारत कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का भारत में चीनी दूतावास द्वारा आयोजन। |
| मुख्य हस्तियाँ | शी जिनपिंग (चीन) और द्रौपदी मुर्मू (भारत) ने बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। विक्रम मिसरी (भारत के विदेश सचिव) और शू फेइहोंग (भारत में चीन के राजदूत) ने द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया। |
| शी जिनपिंग का संदेश | सहयोग को "ड्रैगन और हाथी का सहयोगात्मक नृत्य" बताया। रणनीतिक, दीर्घकालिक साझेदारी और आधुनिकीकरण के प्रयासों पर बल दिया। |
| द्विपक्षीय संबंध | दोनों देशों को "प्राचीन सभ्यताएं" और ग्लोबल साउथ के प्रमुख सदस्य बताया गया। पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। |
| मुख्य पहल | पूर्वी लद्दाख में वापसी, कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत, नदियों पर सहयोग और सीधी हवाई सेवाओं पर चर्चा। |
| जन-जन आदान-प्रदान | चीनी दूतावास ने 2025 की पहली तिमाही में 70,000 वीजा जारी किए, जो बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। |
| सहयोग पर बयान | शी ने संबंधों को "रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य" से संभालने पर जोर दिया। सीमा पर शांति बनाए रखने और आदान-प्रदान को मजबूत करने का उद्देश्य। |

