7वां राष्ट्रीय पोषण माह 2024: संक्षिप्त विवरण
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | 7वां राष्ट्रीय पोषण माह |
| वर्ष | 2024 |
| अवधि | एक महीने का अभियान |
| उद्देश्य | भारत में कुपोषण की समस्या को जड़ से मिटाना |
| ऐतिहासिक संदर्भ | 2018 में शुरू; 6 पोषण माह और पोषण पखवाड़ा अभियान आयोजित |
| संचयी प्रभाव | 100 करोड़ से अधिक पोषण-केंद्रित जागरूकता गतिविधियाँ |
| 2024 के मुख्य क्षेत्र | एनीमिया मुक्त भारत, तकनीक-आधारित समाधान, तीव्र जन अंदोलन, पूरक आहार |
| एनीमिया मुक्त भारत | 6x6x6 रणनीति; 95% गर्भवती महिलाओं और 65.9% स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 180 आयरन की गोलियाँ |
| तकनीक-आधारित समाधान | POSHAN ट्रैकर द्वारा 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए पोषण सेवाओं की निगरानी |
| सामुदायिक भागीदारी | जमीनी स्तर पर जागरूकता के लिए तीव्र जन अंदोलन |
| पूरक आहार | शिशुओं के लिए आहार का समय, गुणवत्ता, मात्रा और आवृत्ति पर ध्यान |
| राष्ट्रव्यापी प्रभाव | 9.22 करोड़ से अधिक गतिविधियाँ आयोजित |
| शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य | महाराष्ट्र (1.80 करोड़), बिहार (1.17 करोड़), मध्य प्रदेश (79.32 लाख), उत्तर प्रदेश (70.28 लाख), गुजरात (66.76 लाख), आंध्र प्रदेश (65.54 लाख) |
| उद्घाटन | गांधीनगर, गुजरात में आयोजित; केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल द्वारा उद्घाटन |
| प्रतीकात्मक पहल | एक पेड़ माँ के नाम नामक वृक्षारोपण अभियान |

