यूरोप के अंतरिक्ष अभियान में नया युग: एरियन 6 रॉकेट
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | यूरोप के एरियन 6 रॉकेट की पहली सफल उड़ान। |
| तारीख और समय | स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे उड़ान भरी, लेकिन छोटी सी समस्या के कारण एक घंटे की देरी हुई। |
| स्थान | कौरू, फ्रेंच गुयाना। |
| उद्देश्य | यूरोप को अंतरिक्ष तक स्वतंत्र पहुंच बहाल करना। |
| परिणाम | उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया। |
| चुनौतियाँ | छोटी सी देरी; पुनः प्रवेश प्रक्षेपवक्र में विचलन (प्रशांत महासागर में उतरा)। |
| मुख्य व्यक्ति | जोसेफ़ आशबैचर (ESA प्रमुख), फिलिप बैप्टिस्ट (CNES प्रमुख), बिल नेल्सन (NASA प्रमुख)। |
| भविष्य की योजनाएं | 29 मिशन बुक हो चुके हैं, जिसमें अमेज़न का कुइपर तारामंडल भी शामिल है। |
| प्रतिस्पर्धा | स्पेसएक्स के पुन: प्रयोज्य फाल्कन रॉकेट्स से प्रतिस्पर्धा। |
| पार की गई चुनौतियाँ | रूस के सोयुज रॉकेट्स की वापसी, यूरोप के वेगा-सी लॉन्चर का ग्राउंडिंग। |
| आगे के कदम | उड़ान का विश्लेषण करना; 2025 में 6 उड़ानें, 2026 में 8 उड़ानें; व्यावसायिक उड़ानें शुरू करना। |

