केरल और ओडिशा में पुरातात्विक खोज
| स्थान | खोजें | मुख्य विशेषताएं |
|---|---|---|
| मालंपुझा, केरल | 110 से अधिक मेगालिथिक दफन स्थल | 45 हेक्टेयर में फैले ये स्थल, केरल के सबसे बड़े मेगालिथिक दफन स्थलों में से एक हैं। इनमें चेंबर ग्रेव्स, स्टोन सर्कल, अस्थि कलश, डोलमेन, और डोलमेनॉयड चेंबर शामिल हैं। |
| ग्रेनाइट स्लैब, बोल्डर और लेटराइट पत्थर का उपयोग | ये संरचनाएं सीमेंट या मोर्टार जैसे बांधने वाले पदार्थों के बिना बनाई गई हैं, जो लौह युग के समाज की विशेषता है। | |
| रत्नागिरि, ओडिशा | प्राचीन मंदिर, वोटिव स्तूप, ईंट से बना स्तूप, चैत्य परिसर, बुद्ध प्रतिमाएं | इनमें क्रिस-क्रॉस ईंटों से बना स्तूप, विशाल बुद्ध प्रतिमाएं और संस्कृत शिलालेख शामिल हैं। |
| एकाश्मक वोटिव स्तूप और ग्रेवेयर मिट्टी के बर्तन | स्तूपों पर तारा, चुंडा, मंजुश्री और ध्यानी बुद्ध जैसे देवताओं की मूर्तियाँ हैं। मिट्टी के बर्तन सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं पर प्रकाश डालते हैं। |

