भारतेन्दु हरिश्चन्द्र: आधुनिक हिन्दी साहित्य के जनक
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | भारतेन्दु हरिश्चन्द्र |
| उपाधि | आधुनिक हिन्दी साहित्य के जनक |
| प्रमुख योगदान | - खड़ी बोली हिन्दी का आधुनिकीकरण किया। |
| - हिन्दी पत्रकारिता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। | |
| - हिन्दी रंगमंच (थिएटर) को नई दिशा प्रदान की। | |
| - साहित्य के माध्यम से सामाजिक सुधारों का समर्थन किया। | |
| प्रमुख कृतियाँ | अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, सत्य हरिश्चन्द्र, चंद्रावली |
| ‘भारतेन्दु’ उपाधि | 1880 में प्रदान की गई, जिसका अर्थ है “भारत का चंद्रमा”। |
| संपादित प्रकाशन | हरिश्चन्द्र मैगज़ीन, कवि वचन सुधा, बाल बोधिनी, पत्रिका |

