| योजना का नाम | प्रगतिशील गाँव कार्यक्रम-II (VVP-II) |
| मंजूरी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत |
| योजना का प्रकार | केंद्रीय क्षेत्र की योजना |
| कार्यान्वयन अवधि | वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक |
| कुल आवंटन | 6,839 करोड़ रुपये |
| उद्देश्य | अंतर्राष्ट्रीय भूमि सीमाओं (ILBs) से लगे ब्लॉकों में गाँवों का समग्र विकास, उत्तरी सीमा (जो VVP-I के तहत कवर है) को छोड़कर |
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | अवसंरचना विकास, मूल्य श्रृंखला विकास, शिक्षा अवसंरचना, पर्यटन सर्किट, सतत जीविका अवसर, सीमा-विशिष्ट आउटरीच गतिविधियाँ |
| कार्यान्वयन | ग्राम कार्य योजना, पीएमजीएसवाई-IV के माध्यम से सड़क कनेक्टिविटी, कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में उच्च शक्ति समिति |
| संतृप्ति फोकस | सुनिश्चित करें कि सभी व्यक्ति और परिवार मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं के पूर्ण लाभ प्राप्त करें; सभी गाँवों को सभी मौसम सड़क कनेक्टिविटी, दूरसंचार कनेक्टिविटी, टीवी कनेक्टिविटी, विद्युतीकरण से कवर किया जाए |
| प्रौद्योगिकी का उपयोग | पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल उपकरणों द्वारा समर्थित, एकीकृत योजना और ट्रैकिंग के लिए |