केंद्र की नई योजनाएं: पीएम-आरकेवीवाई और कृषिउन्नति योजना
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| समाचार में क्यों? | कैबिनेट ने सतत कृषि के लिए पीएम-आरकेवीवाई और कृषि उन्नति योजना को ₹1,01,321.61 करोड़ के व्यय के साथ मंजूरी दी। |
| योजनाएं | 1. पीएम-आरकेवीवाई (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) 2. कृषि उन्नति योजना (केवाई) |
| कुल व्यय | ₹1,01,321.61 करोड़ |
| कार्यान्वयन | योजनाओं को राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। |
| पीएम-आरकेवीवाई का उद्देश्य | सतत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देना। |
| केवाई का उद्देश्य | खाद्य सुरक्षा और कृषि में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना। |
| तकनीकी एकीकरण | दोनों योजनाएं दक्षता और परिणामों में सुधारको प्रौद्योगिकी का उपयोग करेंगी। |
| मौजूदा पहलों का जारी रहना | NMEO-OP, क्लीन प्लांट कार्यक्रम, डिजिटल कृषि, NMEO-OS नई संरचना के तहत जारी रहेंगे। |
| आरकेवीवाई (RAFTAAR) की विशेषताएं | - राज्यों के लिए प्रोत्साहन - स्थानीय योजनाओं के लिए लचीलापन - उपज अंतर को कम करने पर ध्यान - लाभप्रदता में सुधार |
| वित्त पोषण पैटर्न | - पूर्वोत्तर राज्य: 90% केंद्रीय, 10% राज्य - केंद्रशासित प्रदेश: 100% केंद्रीय - अन्य राज्य: 60% केंद्रीय, 40% राज्य |
| मंजूरी प्रक्रिया | राज्य स्तरीय परियोजना स्क्रीनिंग समिति (SLPSC) और राज्य स्तरीय मंजूरी समिति (SLSC)। |
| आरकेवीवाई के प्रमुख क्षेत्र | - कृषि व्यवसाय उद्यमिता - किसानों के लिए जोखिम न्यूनीकरण - उपज अंतर को कम करने के लिए लक्षित हस्तक्षेप |

