महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जियो टैग नियमों में बदलाव
- राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (NMMS) वित्तीय वर्ष 2021-22 में शुरू की गई।
- राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (महात्मा गांधी नरेगा) के कार्यान्वयन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, सभी कार्यों (व्यक्तिगत लाभार्थी कार्यों को छोड़कर) के लिए राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (NMMS) ऐप के माध्यम से श्रमिकों की दिन में दो बार जियो-टैग्ड, टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरों के साथ उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु:
- इससे योजना पर नागरिकों की निगरानी बढ़ती है और भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से होती है। कार्यस्थल पर्यवेक्षक NMMS ऐप के माध्यम से श्रमिकों की जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ उपस्थिति दर्ज करने के लिए जिम्मेदार हैं।
- NMMS ऐप को संशोधित किया गया है ताकि पहली उपस्थिति और फोटोग्राफ के 4 घंटे बाद दूसरी तस्वीर अपलोड करना संभव हो सके।
- सुबह की उपस्थिति के साथ-साथ पहली और दूसरी तस्वीर को ऑफलाइन मोड में लिया जा सकता है तथा एक दिन के भीतर डिवाइस के नेटवर्क क्षेत्र में आने पर उसे अपलोड किया जा सकता है।
- यदि किसी असाधारण परिस्थिति के कारण उपस्थिति अपलोड नहीं की जा सकी तो जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) को मैनुअल उपस्थिति अपलोड करने के लिए अधिकृत किया गया है।
- कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति तभी ली जा सकती है, जब उपस्थिति दर्ज करते समय मोबाइल का स्थान, उक्त कार्य के लिए जियो मनरेगा के अंतर्गत चरण-I में दर्ज कार्यस्थल के जियो निर्देशांक से 10 मीटर की दूरी के भीतर हो।
प्रीलिम्स टेकअवे
- मनरेगा
- केंद्र प्रायोजित योजनाएं

