चीन और रूस का जापान सागर में नौसैन्य अभ्यास
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | जापान सागर और ओखोटस्क सागर में रूस और चीन के बीच नौसेना अभ्यास। |
| अभ्यास का नाम | बेइबू/इंटरैक्शन - 2024 |
| मुख्य गतिविधियाँ | आर्टिलरी फायरिंग, विमान-रोधी और पनडुब्बी-रोधी हथियारों का उपयोग। |
| उद्देश्य | चीनी और रूसी सेनाओं के बीच सामरिक सहयोग को गहरा करना, सुरक्षा खतरों से निपटने की संयुक्त क्षमता को बढ़ाना। |
| आवृत्ति | इस स्थान पर तीसरा संयुक्त सैन्य अभ्यास (पहला 2017 में, दूसरा 2022 में)। |
| स्थान | जापान सागर, ओखोटस्क सागर (रूस के कामचटका प्रायद्वीप, कुरील द्वीप समूह और जापान के होक्काइडो के बीच)। |
| राजनीतिक संदर्भ | रूस ने यूक्रेन द्वारा लंबी दूरी की मिसाइलों के उपयोग पर नाटो को चेतावनी दी, यूक्रेन युद्ध को तीव्र किया। |
| व्यापक महत्व | ओशन-2024 नौसेना अभ्यास का हिस्सा, प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। |

