बलिया में कच्चे तेल की खोज: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिला बढ़ावा
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | बलिया में कच्चे तेल की खोज |
| स्थान | सागरपाली गाँव, बलिया जिला, गंगा बेसिन, उत्तर प्रदेश |
| खोज की गहराई | 3,000 मीटर |
| भंडार का विस्तार | सागरपाली (बलिया) से फफामऊ (प्रयागराज) तक 300 किमी |
| खोजकर्ता | तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) |
| महत्व | भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाता है, अरब देशों पर निर्भरता कम करता है |
| ONGC का विवरण | महारत्न PSU, 1995 में स्थापित, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन, 70% घरेलू उत्पादन में योगदान देता है |
| प्रमुख कच्चे तेल उत्पादक राज्य | राजस्थान (21.82%), गुजरात (13.53%), असम (12.50%), तमिलनाडु (1.15%), आंध्र प्रदेश (0.87%), अरुणाचल प्रदेश (0.13%) |
| गंगा बेसिन | भागीरथी (गंगोत्री हिमनद) से पोषित, देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलती है, हरिद्वार से मैदानी इलाकों तक बहती है, प्रमुख सहायक नदियाँ: यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी |

