IBC की प्रभावशीलता में कमी: बैंकों ने अपनाए वैकल्पिक तरीके
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | बैंक IBC (दिवालिया और दिवालियापन संहिता) की घटती प्रभावशीलता के कारण वसूली रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। |
| वसूली दर | FY24 में 28% तक गिर गई (FY23 में 40% से कम)। |
| IBC मामलों में गिरावट | NCLT (राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण) में दर्ज मामले H1 FY23 में 501 से घटकर H1 FY24 में 417 हो गए। |
| IBC के साथ चुनौतियाँ | औसत समाधान समय 324 दिनों से बढ़कर 653 दिन हो गया। |
| वैकल्पिक वसूली तरीके | बैंक ऋण पुनर्गठन, द्विपक्षीय समझौतों और ARCs (परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। |
| RBI डेटा | IBC के तहत वसूली दर 2019 में 43% से गिरकर 2023 में 32% हो गई। |
| परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियाँ (ARCs) | ARCs संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के त्वरित समाधान के लिए लोकप्रिय हो रही हैं। |
| मुख्य व्यक्ति | हरि हर मिश्रा (CEO, ARCs), सुष्मिता गांधी (पार्टनर, इंडसलॉ), वीना शिवरामकृष्णन (पार्टनर, शारदुल अमरचंद मंगलदास & Co), श्रीनाथ श्रीधरन (कॉर्पोरेट सलाहकार)। |

