DRDO का 67वां स्थापना दिवस: उपलब्धियां और भविष्य के प्रयास
| सारांश / स्थिर | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | DRDO का 67वां स्थापना दिवस |
| स्थापना | 1958 |
| प्रयोगशालाओं की संख्या | 52 DRDO प्रयोगशालाएं + 5 युवा वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं (DYSLs) |
| मिशन | भारत की रक्षा को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से सशक्त बनाना |
| प्रमुख उपलब्धियां | अग्नि और पृथ्वी मिसाइलें, LCA तेजस, अर्जुन टैंक, INS अरिहंत, रडार, चिकित्सा प्रौद्योगिकी |
| भविष्य की पहल | हाइपरसोनिक मिसाइलें, निर्देशित ऊर्जा हथियार, AI, 5G, क्वांटम कंप्यूटिंग |
| मुख्य वक्ता | रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह |
| मुख्य घोषणाएं | - निजी क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स के साथ सहयोग - 2025 को सुधार वर्ष घोषित किया गया - अगले स्थापना दिवस तक 100 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रयोगशालाएं |
| प्रौद्योगिकी हस्तांतरण | भारतीय उद्योगों को 1,950 ToTs प्रदान किए गए |
| किए गए परीक्षण | 3 वर्षों में 18,000 परीक्षण; 2024 में 5,000 परीक्षण |
| मान्यता | लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल डिजाइन टीम का सम्मान |

