ई-श्रम पोर्टल अब सभी 22 अनुसूचित भाषाओं को सपोर्ट करता है
| यह खबरों में क्यों है | मुख्य बिंदु |
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| ई-श्रम पोर्टल का 22 भाषाओं में विस्तार | - श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ई-श्रम पोर्टल को 22 अनुसूचित भाषाओं में समर्थित करने के लिए विस्तारित किया है। - प्रारंभ में यह केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में उपलब्ध था। - भाषिनी परियोजना ने इस बहुभाषीय उन्नयन को संभव बनाया। - उद्देश्य: असंगठित कर्मचारियों के लिए पहुंच को बढ़ाना। |
| पोर्टल का उपयोग और एकीकरण | - पोर्टल असंगठित कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभों के पंजीकरण को सुगम बनाता है। - इसमें 12 सरकारी कल्याण योजनाओं का एकीकरण किया गया है, जिनमें मनरेगा, ओएनओआरसी और आईजीएनडीपीएस शामिल हैं। - प्रतिदिन 30,000 से अधिक पंजीकरण हो रहे हैं। |
| भविष्य के उन्नयन | - मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा जिससे पहुंच और आसान होगी। - एकल सामान्य आवेदन पत्र शुरू किया जाएगा। - भुगतान गेटवे का एकीकरण लाभों तक पहुंच को सरल बनाएगा। |
| जिम्मेदार मंत्रालय और परियोजना | - श्रम और रोजगार मंत्रालय (केंद्रीय मंत्री: डॉ. मनसुख मंडाविया) इस परियोजना की देखरेख कर रहा है। - भाषिनी परियोजना बहुभाषीय क्षमताओं को संभव बना रही है। |
| वर्तमान में एकीकृत कल्याण योजनाएं | - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) - एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) - इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (आईजीएनडीपीएस) - राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) |

