जम्मू-कश्मीर में मतदाता भागीदारी को बढ़ावा: 'वोट का त्योहार' गीत
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव में मतदाता भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए थीम सॉन्ग ‘वोट का त्योहार’ लॉन्च। |
| लॉन्च किया गया | जम्मू और कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), पांडुरंग के. पोले के कार्यालय द्वारा। |
| चुनाव की तारीख | 18 सितंबर 2024, जम्मू और कश्मीर के सात जिलों में। |
| सीईओ के विचार | - मतदान के महत्व और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। |
| - पद्म श्री पद्म सचदेव सरकारी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गांधी नगर, जम्मू के छात्रों और प्राचार्य के योगदान की सराहना की। | |
| - सभी पात्र मतदाताओं से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। | |
| गीत का निर्माण | - रंगयुग, एक प्रदर्शन कला संगठन द्वारा निर्मित। |
| - स्वीप (सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) अभियान का हिस्सा। | |
| - निर्देशन दीपक कुमार द्वारा, गीत डॉ. लियाकत जाफरी द्वारा, संगीत पंकज परधान और एस. अमरजीत सिंह द्वारा। | |
| स्वीप | - भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख कार्यक्रम, जो मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए है। |
| - मतदान को प्रोत्साहित करके एक सहभागी लोकतंत्र का निर्माण करना लक्ष्य। | |
| ईसीआई द्वारा पिछले अभियान | - 18वें लोकसभा चुनाव के लिए ‘चुनाव का पर्व, देश का गर्व’ और ‘टर्निंग 18’। |
| - हाल ही में ‘यू आर द वन’ नामक अभियान लॉन्च किया गया। |

