चंद्रयान-3 द्वारा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की पहली विस्तृत भूवैज्ञानिक मानचित्र
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| क्यों है चर्चा में? | चंद्रयान-3 डेटा का उपयोग करके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की पहली विस्तृत भूवैज्ञानिक मानचित्र बनाया गया है। |
| मुख्य योगदानकर्ता | भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (अहमदाबाद), पंजाब विश्वविद्यालय (चंडीगढ़), इसरो की इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम्स प्रयोगशाला। |
| भौगोलिक विशेषताएँ | उच्चभूमि, निचले मैदान, और स्कॉम्बर्गर क्रेटर से निकले मलबे से बने द्वितीयक क्रेटर। |
| आयु अनुमान | लगभग 3.7 अरब वर्ष, जो पृथ्वी के आरंभिक सूक्ष्मजीवी जीवन युग से मेल खाता है। |
| वैज्ञानिक प्रभाव | चंद्रमा के भूविज्ञान, क्रेटर निर्माण और ग्रहीय विकास की समझ को बढ़ाता है। |
| मैग्मा की खोज | चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने प्राचीन मैग्मा का पता लगाया, जो चंद्रमा के पिघले हुए अतीत की पुष्टि करता है। |

