गुड़गांव और फरीदाबाद में कचरे से चारकोल बनाने के संयंत्र
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| परियोजना | गुरुग्राम और फरीदाबाद में कचरे से चारकोल (हरित कोयला) बनाने वाले संयंत्रों की स्थापना। |
| लागत | प्रत्येक संयंत्र की लागत ₹500 करोड़। |
| क्षमता | प्रत्येक संयंत्र द्वारा प्रतिदिन 1,500 टन कचरे को चारकोल में परिवर्तित किया जाएगा। |
| स्थान | बंधवाड़ी (गुरुग्राम) और मोटुका (फरीदाबाद)। |
| भूमि आवंटन | गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और फरीदाबाद नगर निगम (MCF) द्वारा प्रत्येक संयंत्र के लिए 20 एकड़ भूमि। |
| प्रौद्योगिकी | स्वदेशी प्रौद्योगिकी। |
| समयसीमा | परियोजना को 30 महीनों में पूरा करने की उम्मीद। |
| समझौता ज्ञापन (MoU) | एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (NVVNL) और MCG, MCF के बीच हस्ताक्षरित। |
| हस्ताक्षर समारोह | 20 जुलाई, चंडीगढ़ में आयोजित। |
| प्रमुख उपस्थित लोग | केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री सुभाष सुधा। |
| उद्देश्य | स्वच्छ भारत अभियान को समर्थन, शहरों को कचरा-मुक्त बनाना, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना। |
| चारकोल का उपयोग | बिजली उत्पादन संयंत्रों में उपयोग, जिससे खनिज कोयले की खपत कम होगी। |
| पैमाना | भारत में सबसे बड़ा संयंत्र, वाराणसी के संयंत्र (600 टन/दिन) से बड़ा। |
| भविष्य की संभावना | यदि सफल रहा, तो इस प्रौद्योगिकी को अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। |

