मोदी के साथ संक्षिप्त बातचीत हुई और उन कार्यों के बारे में बताया जिन्हें करने की आवश्यकता है: ट्रूडो
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाओस के वियनतियाने में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।
मुख्य बिंदु :
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने लाओस के वियनतियाने में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। कनाडा स्थित खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या में भारत की संलिप्तता के ट्रूडो के आरोपों पर तनाव बढ़ने के बाद से यह दूसरी बार है जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई।
बैठक का अवलोकन:
- ट्रूडो का बयान: ट्रूडो ने बैठक को "संक्षिप्त आदान-प्रदान" बताया, जिसमें अनसुलझे मुद्दों पर आगे काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और कानून के शासन को बनाए रखने के अपने रुख को दोहराया।
- भारत का रुख: भारतीय स्रोतों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। भारत ने अपनी अपेक्षा दोहराई कि कनाडा अपनी धरती से गतिविधियां चला रहे खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, तथा चरमपंथ, आतंकवाद और संगठित अपराध से उनके संबंधों पर चिंता व्यक्त की।
विवाद की पृष्ठभूमि:
- ट्रूडो के आरोप: जून 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाने के बाद से भारत और कनाडा के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत ने इन आरोपों को "बेतुका" और "प्रेरित" बताकर खारिज कर दिया।
- कनाडा का रुख: ट्रूडो ने लाओस बैठक के दौरान अपने आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि कनाडाई राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अभी भी मामले की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। इस जांच के तहत कनाडा में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
व्यापक निहितार्थ:
- भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में चिंता व्यक्त की है, जिसमें नफरत, गलत सूचना और हिंसा को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने खालिस्तानी अलगाववादियों और संगठित अपराध, ड्रग सिंडिकेट और मानव तस्करी के बीच बढ़ते गठजोड़ पर प्रकाश डाला।
- कनाडा की चुनौतियाँ: कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने भारत के साथ कनाडा के संबंधों को "तनावपूर्ण" और "बहुत कठिन" बताया। उन्होंने निज्जर की हत्या जैसी और भी हिंसा की आशंका जताई, जिससे भारतीय-कनाडाई लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका कनेक्शन:
- इसी से जुड़े घटनाक्रम में, अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ अमेरिका में रहने वाले एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या की नाकाम साजिश में कथित संलिप्तता के लिए अभियोग पत्र जारी किया है। इस मामले ने चल रहे खालिस्तान आंदोलन में अंतरराष्ट्रीय संलिप्तता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत ने इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है।
प्रीलिम्स टेकअवे:
- भारत-कनाडा संबंध
- जी7 शिखर सम्मेलन

