दूसरा सिमोलु महोत्सव २०२५
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | नगांव में बॉम्बैक्स सेइबा (शिमुल) के खिलने के बीच दूसरा सिमोलू महोत्सव आयोजित |
| स्थान | ब्विसांग-ना, बरुंगुरी, लाओखोवा, असम |
| तिथि | 15-16 फरवरी, 2025 |
| उद्देश्य | बॉम्बैक्स सेइबा के खिलने का जश्न, इको-टूरिज्म, संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना |
| मुख्य आयोजक | इको-टूरिज्म समूह, संरक्षणवादी, स्थानीय प्रशासन |
| मुख्य गतिविधियाँ | साइकिलिंग, कैंपिंग, जातीय व्यंजन, सांस्कृतिक प्रदर्शन, छात्र प्रकृति भ्रमण, संरक्षण पर चर्चा |
| साइक्लोथॉन मार्ग | ब्विसांग-ना से डोंडुवा बील तक, जो आर्द्रभूमि जैव विविधता को उजागर करता है |
| संरक्षण फोकस | आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाना, बॉम्बैक्स सेइबा के पेड़ों का संरक्षण, स्थायी इको-टूरिज्म |
| विशेष विशेषताएं | छात्रों के लिए प्रमाणपत्र वितरण, संरक्षण पर इंटरैक्टिव चर्चा सत्र |
| वक्ता/मुख्य आकर्षण | काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर डॉ. सोनाली घोष ने प्रकृति की सराहना और पर्यावरण जागरूकता को मिलाने में महोत्सव के महत्व पर जोर दिया। |
| प्रतिभागी भागीदारी | स्थानीय छात्रों और समुदायों ने प्रकृति भ्रमण, सांस्कृतिक प्रदर्शन और संरक्षण चर्चाओं में भाग लिया। |
| प्राकृतिक महत्व | लाओखोवा अपनी आर्द्रभूमि, घास के मैदानों और विविध वन्यजीवों के लिए जाना जाता है, जो इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म स्थल बनाता है। |
| सांस्कृतिक महत्व | पारंपरिक असमिया व्यंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया। |

