भारत का ICCPR के तहत मानवाधिकार समिति द्वारा चौथी आवधिक समीक्षा
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | ICCPR के तहत मानवाधिकार समिति द्वारा चौथी आवधिक समीक्षा |
| स्थान | जेनेवा |
| तिथियाँ | 15-16 जुलाई, 2024 |
| भारतीय प्रतिनिधिमंडल | अटॉर्नी जनरल श्री आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता के नेतृत्व में, जिसमें सचिव (पश्चिम) श्री पवन कपूर और कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। |
| चर्चित विषय | भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, गैर-भेदभाव, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की स्थिति, आतंकवाद विरोधी और राष्ट्रीय सुरक्षा, न्यायिक ढांचा, गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानून, नए आपराधिक कानून। |
| भारत की उपलब्धियाँ | कमजोर समूहों की सुरक्षा में प्रयासों और वैश्विक मानवाधिकार ढांचे में योगदान को उजागर किया गया। |
| समिति की भूमिका | आवधिक समीक्षाओं के माध्यम से ICCPR के कार्यान्वयन की निगरानी करती है, टिप्पणियाँ और सिफारिशें प्रदान करती है। |
| भारत की ICCPR सदस्यता | 1979 से सदस्य राज्य, पिछली समीक्षा 1997 में हुई थी। |
| ICCPR अपनाया गया | 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया गया, 1976 से प्रभावी। |
| समिति की संरचना | 18 स्वतंत्र विशेषज्ञ। |
| मुख्य सराहना | समिति ने भारत की बहुलवाद, अहिंसा, विविधता और एक जीवंत संसदीय लोकतंत्र के रूप में इसकी स्थिति की सराहना की। |

