| घोषणा की तारीख | 2 अगस्त, 2024 |
| प्राधिकरण | मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में |
| उद्देश्य | परिवहन अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए आठ नए राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं का निर्माण |
| कुल लंबाई | 936 किलोमीटर |
| कुल बजट | 50,655 करोड़ रुपये |
| रोजगार सृजन | लगभग 4.42 करोड़ मनदिन |
| परियोजना श्रेणियां | 8-लेन, 6-लेन, और 4-लेन परियोजनाएं |
| प्रमुख परियोजनाएं | 1 नाशिक फाटा - खेड़ एलिवेटेड रोड कॉरिडोर (30 किमी, 7,827 करोड़ रुपये)<br>2 आगरा-ग्वालियर परियोजना (88 किमी, 4,613 करोड़ रुपये)<br>3 थराड--दीसा--मेहसाणा--अहमदाबाद कॉरिडोर (214 किमी, 10,534 करोड़ रुपये)<br>4 कानपुर रिंग रोड (47 किमी, 3,298 करोड़ रुपये)<br>5 अयोध्या रिंग रोड (68 किमी, 3,935 करोड़ रुपये)<br>6 खड़गपुर--मोरग्राम रोड (231 किमी, 10,247 करोड़ रुपये)<br>7 पथलगाँव और गुमला सेक्शन (137 किमी, 4,473 करोड़ रुपये)<br>8 उत्तरी गुवाहाटी बाईपास (121 किमी, 5,729 करोड़ रुपये) |
| वर्तमान सड़क नेटवर्क | कुल सड़क नेटवर्क: 63.32 लाख किलोमीटर (31 दिसंबर, 2022 तक)<br>राष्ट्रीय राजमार्ग: 1,44,955 किमी<br>सड़क नेटवर्क संरचना (31 मार्च, 2019 तक): राष्ट्रीय राजमार्ग (2.09%), राज्य राजमार्ग (2.84%), ग्रामीण सड़कें (71.42%), जिला सड़कें (9.68%), शहरी सड़कें (8.55%)<br>पक्की सड़कें: 64.70% |
| राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचा में अग्रणी राज्य | 1 महाराष्ट्र (18,459.25 किमी, 102 राष्ट्रीय राजमार्ग)<br>2 उत्तर प्रदेश (12,270.23 किमी, 88 राष्ट्रीय राजमार्ग)<br>3 राजस्थान (10,706.34 किमी, 52 राष्ट्रीय राजमार्ग)<br>4 मध्य प्रदेश (9,104.64 किमी, 46 राष्ट्रीय राजमार्ग) |