भारत ने INS अरिघाट को कमीशन किया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | आईएनएस अरिघाट (एस-3) का कमीशनिंग, भारत की दूसरी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) |
| स्थान | विशाखापट्टनम |
| तारीख | निर्दिष्ट नहीं |
| मुख्य उपस्थित लोग | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, वाइस एडमिरल सूरज बेरी (भारतीय स्ट्रैटेजिक कमांड के प्रमुख), और डीआरडीओ के शीर्ष अधिकारी |
| क्षमताएं | - 750 किमी रेंज वाली के-15 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस <br> - भारत की परमाणु त्रयी और दूसरे हमले की क्षमता को मजबूत करता है |
| रणनीतिक प्रभाव | - भारत के पास अब दो एसएसबीएन (आईएनएस अरिहंत और आईएनएस अरिघाट) हैं <br> - हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक निरोध और लाभ प्रदान करता है |
| तकनीकी उन्नति | - आईएनएस अरिघाट, आईएनएस अरिहंत का एक उन्नत संस्करण है, जो पिछले तकनीकी अंतराल को दूर करता है |
| भविष्य की योजनाएं | - आईएनएस अरिदमन (एस4) अगले वर्ष कमीशन किया जाएगा <br> - चौथी एसएसबीएन (एस-4*) योजना में है <br> - नई पनडुब्बियों का वर्ग योजना में है, जो 3,000 किमी रेंज वाली परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होगी <br> - आईएनएस सूरत (गाइडेड मिसाइल स्टील्थ डिस्ट्रॉयर), आईएनएस तरंगिणी (स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट), और आईएनएस वाग्शीर (कलवरी क्लास अटैक सबमरीन) का कमीशनिंग <br> - इस वर्ष अतिरिक्त पनडुब्बियों के आदेश की उम्मीद है |

