भारत का चौथा 'नो मनी फॉर टेरर' सम्मेलन 2023 में योगदान
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| समाचार में क्यों? | चौथे नो मनी फॉर टेरर (NMFT) सम्मेलन में भारत की सक्रिय भूमिका, जिसमें आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया। |
| सम्मेलन का नाम | चौथा नो मनी फॉर टेरर (NMFT) सम्मेलन |
| स्थान | म्यूनिख, जर्मनी |
| भारत की मुख्य चिंताएं | सीमा पार से धन प्रवाह, डिजिटल लेनदेन, और विकसित हो रहे वित्तीय तरीकों के माध्यम से आतंकवादी वित्तपोषण। |
| कानूनी ढांचा | सशक्त अवैध गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002, और UAPA तथा NIA अधिनियम, 2019 में संशोधन। |
| मुख्य प्रवर्तन निकाय | राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), नकली भारतीय मुद्रा नोट समन्वय केंद्र (FCORD), वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (FIU-IND), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)। |
| नए फोकस क्षेत्र | साइबर आतंकवाद, विस्फोटक और निषिद्ध हथियार, मानव तस्करी। |
| क्रिप्टो पर नियामक कार्रवाइयां | वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDA SPs) को PMLA के तहत लाया गया, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग/काउंटरिंग फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म (AML/CFT) अनुपालन अनिवार्य किया गया। |
| प्रौद्योगिकी का उपयोग | खुफिया जानकारी साझा करने के लिए राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID), वित्तीय लेनदेन की निगरानी के लिए FIU-IND। |

