| रिकॉर्ड माल यातायात | वित्त वर्ष 2024-25 में 145.5 MMT, वित्त वर्ष 2013-14 में 18.1 MMT से अधिक; 20.86% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)। |
| वित्त वर्ष 2023-24 से 9.34% वार्षिक वृद्धि। |
| शीर्ष 5 वस्तुएँ: कोयला, लौह अयस्क, लौह अयस्क फाइंस, रेत, फ्लाई ऐश (कुल माल का 68%)। |
| NW का विस्तार | NW की संख्या 5 (2014) से बढ़कर 111 हो गई (NW अधिनियम, 2016 के तहत)। |
| परिचालन लंबाई 2,716 किमी से बढ़कर 4,894 किमी हो गई। |
| वर्तमान में 29 राष्ट्रीय जलमार्ग चालू हैं। |
| बुनियादी ढाँचा | MMTs, IMTs, फ्लोटिंग और सामुदायिक जेट्टियां (घाट) बनाई गईं। |
| उदाहरण: वाराणसी, हल्दिया, पांडु, जोगीघोपा में MMT; धुबरी, बोगीबील में टर्मिनल। |
| डिजिटल और ग्रीन तकनीक | उपकरण: LADIS, RIS, PANI, MIRS। |
| ग्रीन वेसल (जहाज): हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कटमरैन, हाइड्रोजन से चलने वाली नावें। |
| यात्री आवागमन | 2023-24 में 1.61 करोड़ यात्री आवागमन दर्ज किया गया। |
| जलवाहक योजना | दिसंबर 2024 में लॉन्च; ₹95.42 करोड़ का परिव्यय। |
| जलमार्गों में माल ढुलाई के लिए परिचालन लागत पर 35% प्रतिपूर्ति। |
| टॉन्नेज टैक्स एक्सटेंशन | अंतर्देशीय जहाजों तक फरवरी 2025 से बढ़ाया गया। |
| नियामक ढांचा | निजी जेट्टी/टर्मिनलों के लिए 2025 में विनियम अधिसूचित किए गए। |
| पोर्ट एकीकरण | MMTs और IMTs को श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता को हस्तांतरित किया गया। |
| डिजिटलीकरण | वाहन/सारथी जैसी केंद्रीकृत जहाज और क्रू पंजीकरण पोर्टल। |
| माल एकत्रीकरण केंद्र | वाराणसी में फ्रेट विलेज; साहिबगंज में एकीकृत क्लस्टर-सह-लॉजिस्टिक्स पार्क। |
| भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल | मैया और सुल्तानगंज के बीच रूट 5 और 6 पर ट्रायल सफल रहा। |
| PSU की भागीदारी | IWT में माल ढुलाई स्थानांतरित करने के लिए 140 से अधिक PSUs लगे हुए हैं। |
| शामिल मंत्रालय: पेट्रोलियम, कोयला, उर्वरक, इस्पात। |