भारत में AMRUT के 10 वर्ष: शहरी परिवर्तन में बड़ी उपलब्धि
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) के 10 वर्ष |
| लॉन्च की तारीख | 25 जून, 2015 |
| वर्षगांठ की तारीख | 25 जून, 2025 |
| मंत्रालय | आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA) |
| उद्देश्य | जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित स्थानों और शहरी गतिशीलता के माध्यम से शहरी जीवन स्तर में सुधार |
| प्रमुख उपलब्धियां | - 2.03 करोड़ नल कनेक्शन <br> - 1.50 करोड़ सीवर कनेक्शन <br> - ₹2.73 लाख करोड़ मूल्य की परियोजनाएं स्वीकृत |
| जल आपूर्ति | - अमृत 2.0 के तहत ₹1.14 लाख करोड़ की 3,568 परियोजनाएं स्वीकृत <br> - 10,647 एमएलडी जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) क्षमता <br> - 1,487 परियोजनाओं में SCADA तकनीक |
| सीवरेज और सेप्टेज | - ₹67,607 करोड़ की 592 परियोजनाएं स्वीकृत <br> - 6,739 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) क्षमता <br> - फेकल स्लज मैनेजमेंट (एफएसएम) को बढ़ावा दिया गया |
| ऊर्जा दक्षता | - 99 लाख एलईडी स्ट्रीटलाइटें लगाई गईं <br> - वार्षिक बचत: 666 करोड़ किलोवाट घंटे, 46 लाख टन CO₂ की कमी |
| हरित स्थान | - 544 जल निकायों का जीर्णोद्धार (9,511 एकड़) <br> - अमृत 2.0 के तहत 3,032 जल निकाय स्वीकृत |
| शहरी गतिशीलता | - गैर-मोटर चालित परिवहन सुविधाएं (पैदल मार्ग, साइकिल पथ, बीआरटीएस) <br> - फेरी जहाज, फुटब्रिज, बहु-स्तरीय पार्किंग |
| वित्तपोषण और क्षमता | - नगरपालिका बांड के माध्यम से ₹4,984 करोड़ जुटाए गए <br> - 90,000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया <br> - प्रौद्योगिकी उप-मिशन और 120 स्टार्टअप समर्थित |
| अमृत 2.0 | - 1 अक्टूबर, 2021 को लॉन्च किया गया <br> - परिव्यय: ₹2.99 लाख करोड़ (₹76,760 करोड़ केंद्रीय हिस्सा) <br> - जल पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित |

