भारत का महत्वाकांक्षी न्यूक्लियर मिशन
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| घोषणा | भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परमाणु मिशन शुरू किया। |
| मुख्य व्यक्ति | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन की घोषणा की, जबकि डॉ. जितेंद्र सिंह ने योजना को विस्तार से समझाया। |
| लक्ष्य | 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों का 10% योगदान करेगा। |
| निजी क्षेत्र | परमाणु क्षेत्र में निजी भागीदारी के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है, जिससे गोपनीयता की बाधाएं टूटी हैं। |
| प्रौद्योगिकी फोकस | स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (एसएमआर) (16 MW से 300 MW) का विकास, जो दूरदराज के इलाकों और औद्योगिक क्लस्टरों के लिए उपयोगी होंगे। |
| बजट आवंटन | 2014 से परमाणु ऊर्जा बजट में 170% की वृद्धि। 2024-25 में भारत एसएमआर के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। |
| अनुसंधान और विकास | राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन नाभिकीय अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिसका 60-70% वित्तपोषण गैर-सरकारी स्रोतों से होगा। |
| वैश्विक सहयोग | फ्रांस और यूएसए के साथ उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी के लिए साझेदारी की गई है। |
| स्वदेशी फोकस | स्वदेशी विकास पर जोर, खासकर थोरियम-आधारित रिएक्टरों पर; भाविनी रिएक्टर और कुडनकुलम परमाणु संयंत्र को पुनर्जीवित किया जा रहा है। |

