भारत राष्ट्रीय आय लेखांकन (National Accounts) में जीडीपी डिफ्लेटर के रूप में WPI के स्थान पर PPI अपनाएगा।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| मंत्रालय | सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) |
| सुधार | थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index - WPI) के स्थान पर आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output Producer Price Index - PPI) को अपनाया जाएगा। |
| PPI जारी करने वाला विभाग | उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जून 2026 में जारी किया गया। |
| डबल डिफ्लेशन (Double Deflation) पद्धति | आउटपुट मूल्य को आउटपुट PPI तथा इनपुट लागत को संबंधित इनपुट सूचकांकों के आधार पर समायोजित किया जाएगा। |
| सुधार के बाद WPI की स्थिति | WPI का प्रकाशन जारी रहेगा, लेकिन इसे GDP के प्रमुख डिफ्लेटर के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा। |
| CPI का उपयोग | उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI) का उपयोग विशिष्ट एवं सूक्ष्म (Granular) मदों के लिए जारी रहेगा। |
| MoSPI की हालिया पहल | जुलाई 2026 में सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production - ISP) का परीक्षण (Trial) संस्करण शुरू किया गया। |
| सुधार का महत्त्व | अंतरराष्ट्रीय तुलनीयता में वृद्धि होगी, साथ ही व्यापक आर्थिक (Macroeconomic) विश्लेषण और पूर्वानुमान (Forecasting) अधिक सटीक एवं प्रभावी होंगे। |

