भारत ने उन्नत मैपिंग से तटरेखा 11,098.8 किमी मापी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | भारत की तटरेखा की लंबाई का संशोधन |
| द्वारा घोषित | गृह मंत्रालय (MoHA) द्वारा 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट में |
| पुरानी तटरेखा लंबाई | 7,516.6 किमी |
| नई तटरेखा लंबाई | 11,098.8 किमी (लगभग 50% की वृद्धि) |
| संशोधन का कारण | उन्नत मैपिंग प्रौद्योगिकियां, कोई क्षेत्रीय विस्तार नहीं |
| मापन एजेंसियां | भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक कार्यालय (NHO) |
| नई कार्यप्रणाली | उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल उपकरण: GIS, सैटेलाइट अल्टीमेट्री, LIDAR-GPS, ड्रोन |
| आधार पैमाना | 1:250,000 (पहले 1:4,500,000) |
| संदर्भ रेखा | 2011 के इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट से उच्च जल रेखा (HWL) |
| समीक्षा आवृत्ति | हर 10 साल में उन्नत मैपिंग उपकरणों का उपयोग करके |
| निहितार्थ | समुद्री सुरक्षा, अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ), आपदा प्रबंधन, जलवायु मॉडलिंग, पाठ्यपुस्तक अपडेट |
| तटीय राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | 11 तटीय राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेश (अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप) |
| अंतिम तटीय राज्य | गोवा (1961) |
| तटरेखा विरोधाभास | लुईस फ्राई रिचर्डसन द्वारा अवधारणा, बेनोइट मंडेलब्रॉट द्वारा विस्तारित |

