भारत और US ने iCET के तहत महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने हेतु रणनीति तैयार की
- भारत और अमेरिका महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय समझौते को “शीघ्रतापूर्वक” संपन्न करना चाहते हैं
- अमेरिकी वाणिज्य विभाग, भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा खान मंत्रालय ग्रेफाइट, गैलियम और जर्मेनियम की आपूर्ति श्रृंखलाओं में भागीदारी को आगे बढ़ाएंगे।
मुख्य बिंदु:
- इसका एक उद्देश्य होगा बढ़ावा देना
- “खनिज सुरक्षा साझेदारी में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका, जिसमें दक्षिण अमेरिका में लिथियम संसाधन परियोजना में सह-निवेश करना शामिल है।
- अफ्रीका में रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में जिम्मेदारीपूर्वक और स्थायी रूप से विविधता लाने के लिए है ,
- भारत ने देश के लिए महत्वपूर्ण 30 खनिजों की सूची जारी की है और देश के भीतर अन्वेषण का विस्तार करने के अलावा विदेशों में खदानों का अधिग्रहण करने पर विचार कर रहा है।
- इसे सक्षम करने के लिए, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 को MMDR संशोधन अधिनियम, 2023 के माध्यम से संशोधित किया गया।
- भारत ने तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों के योगदान से एक संयुक्त उद्यम कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) का गठन किया है -
- नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड,
- हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड और
- मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड
- इसका उद्देश्य भारतीय घरेलू बाजार में महत्वपूर्ण खनिजों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करना है।
- KABIL वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और चिली में लिथियम और कोबाल्ट जैसी महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के अवसरों की खोज कर रहा है।
प्रीलिम्स टेकअवे
- भारत-अमेरिका
- iCET

