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भारतीय सेना का 'प्रचंड प्रहार' अभ्यास

भारतीय सेना का 'प्रचंड प्रहार' अभ्यास
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भारतीय सेना का 'प्रचंड प्रहार' अभ्यास

पहलूविवरण
आयोजन का नाम'प्रचंड प्रहार'
अवधि25 से 27 मार्च, 2025
स्थानअरुणाचल प्रदेश का उच्च-ऊंचाई वाला इलाका
आयोजकपूर्वी कमान के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना
उद्देश्यनिगरानी, कमांड और नियंत्रण, तथा सटीक अग्निशक्ति के एकीकृत दृष्टिकोण को मान्य करना
मुख्य फोकस क्षेत्रसंयुक्तता, तकनीकी श्रेष्ठता, बहु-डोमेन संचालन तत्परता
मुख्य उद्देश्य<ul><li>एकीकृत निगरानी एवं कमान नियंत्रण</li><li>सटीक अग्निशक्ति और लक्ष्य समापन</li><li>बहु-डोमेन संचालन</li><li>संयुक्तता और तत्परता में वृद्धि</li></ul>
उन्नत निगरानीलंबी दूरी के समुद्री टोही विमान, मानवरहित हवाई वाहन (UAV), अंतरिक्ष-आधारित संसाधन और सशस्त्र हेलीकॉप्टरों का एकीकरण
अग्निशक्ति तैनातीलड़ाकू विमान, लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम, तोपखाने, झुंड ड्रोन और सशस्त्र हेलीकॉप्टरों का उपयोग
युद्धक्षेत्र सिमुलेशनइलेक्ट्रॉनिक रूप से विवादित पर्यावरण में आधुनिक युद्ध परिदृश्य का अनुकरण
पूर्व अभ्यास'अभ्यास पूर्वी प्रहार' (नवंबर 2024) - एकीकृत विमानन संसाधनों पर केंद्रित
सामरिक महत्व<ul><li>भारत की युद्ध तत्परता में वृद्धि</li><li>संयुक्तता को मजबूत करना</li><li>तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन</li><li>अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के पास प्रतिद्वंद्वियों को संदेश</li></ul>

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