| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना | अभ्यास ड्रोन कवच |
| आयोजित किया गया | भारतीय सेना की पूर्वी कमान के अधीन स्पीयर कोर द्वारा |
| स्थान | पूर्वी अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम क्षेत्र |
| अवधि | 25 से 28 सितंबर, 2025 |
| प्रतिभागी | भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) |
| उद्देश्य | अत्याधुनिक ड्रोन प्रौद्योगिकियों और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का सत्यापन करना |
| ध्यान केंद्रित क्षेत्र | सामरिक अभ्यास, लक्ष्य अधिग्रहण, काउंटर-ड्रोन उपाय, यूनिट-स्तरीय रणनीति |
| महत्व | आधुनिकीकरण, ड्रोन-आधारित युद्ध और निगरानी खतरों के लिए तैयारी, परिचालन उत्कृष्टता |
| संबंधित उपलब्धि | माउंट गोरिचेन अभियान |
| अभियान की तिथि | 19 सितंबर, 2025 |
| अभियान विवरण | स्पीयर कोर के सैनिकों ने माउंट गोरिचेन (6,488 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, जो अरुणाचल प्रदेश की सबसे ऊंची मापनीय चोटी है |
| अभियान का उद्देश्य | साहस, लचीलापन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना |
| अभियान की चुनौतियां | तेज हवाएं, बर्फीली चोटियां, ऑक्सीजन का पतला स्तर |
| अभियान का परिणाम | अनुशासन, सहनशक्ति और टीम वर्क का प्रदर्शन किया |

