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संसद ने वक़्फ संशोधन और मुसलमान वक़्फ निरसन विधेयक पारित किए

संसद ने वक़्फ संशोधन और मुसलमान वक़्फ निरसन विधेयक पारित किए
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संसद ने वक़्फ संशोधन और मुसलमान वक़्फ निरसन विधेयक पारित किए

विषयप्रासंगिक तथ्य एवं आँकड़े
विधायी उपायसंसद द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 पारित।
संसदीय अनुमोदनराज्यसभा: 12 घंटे की बहस के बाद रात 4 बजे पारित (128-95 मत)। लोकसभा: 288-232 मत।
विधेयक का नाम बदलनावक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास (उम्मीद) विधेयक रखा गया।
उद्देश्यवक्फ संपत्ति के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना, पुराने मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को निरस्त करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
मुख्य मंत्रीअमित शाह (गृह मंत्री) और किरण रिजिजू (अल्पसंख्यक मामले) ने विधेयकों का समर्थन किया।
वक्फ की परिभाषाइस्लामी कानून के तहत धार्मिक/चारिटेबल उद्देश्यों के लिए समर्पित संपत्ति; अल्लाह के नाम पर स्थायी स्वामित्व हस्तांतरण।
सबसे अधिक वक्फ वाले राज्यउत्तर प्रदेश (27%), पश्चिम बंगाल (9%), पंजाब (9%)
केंद्रीय वक्फ परिषदअध्यक्ष: केंद्रीय मंत्री। सदस्य: सांसद, विद्वान, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, 2 गैर-मुस्लिम
वक्फ बोर्ड संरचना2 गैर-मुस्लिम, 2 मुस्लिम महिलाएं, शिया, सुन्नी और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधि शामिल।
न्यायाधिकरण में परिवर्तनमुस्लिम कानून विशेषज्ञों की जगह जिला न्यायाधीश, उच्च न्यायालय में 90 दिनों के भीतर अपील की अनुमति।
संपत्ति सर्वेक्षणसर्वेक्षण आयुक्त की जगह जिला कलेक्टर संपत्ति सर्वेक्षण करेगा।
ऑडिट आवश्यकता>₹1 लाख कमाने वाले वक्फ संस्थानों को राज्य प्रायोजित ऑडिट से गुजरना होगा।
केंद्रीकृत पोर्टलपारदर्शिता के लिए स्वचालित प्रबंधन।
वक्फ निर्माण नियमकेवल पांच साल से अधिक समय से अभ्यास करने वाले मुसलमान संपत्ति समर्पित कर सकते हैं; महिलाओं की विरासत को प्राथमिकता

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