2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि 6.4% होगी
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों? | मूडीज़ एनालिटिक्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि को 2025 में 6.4% तक धीमा होने का अनुमान लगाया है, जो 2024 में 6.6% थी, जिसका कारण वैश्विक व्यापार तनाव और निर्यात में कमी है। |
| अनुमानित वृद्धि | 2025 में 6.4% (मूडीज़ एनालिटिक्स पूर्वानुमान) |
| मंदी के मुख्य कारण | नए अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक मांग में कमी, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मंदी, रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेश की चिंताएं, मुद्रास्फीति में अस्थिरता। |
| चीन की जीडीपी पूर्वानुमान | 2024 में 5% से गिरकर 2025 में 4.2% होने का अनुमान है, जिससे क्षेत्रीय वृद्धि प्रभावित होगी। |
| वैश्विक वृद्धि दृष्टिकोण | संयुक्त राष्ट्र का पूर्वानुमान है कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि 2025 में 2.8% होगी, जिसमें अमेरिका और चीन जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि धीमी होगी। |
| सरकारी प्रतिक्रिया | घरेलू मांग पर केंद्रित संघीय बजट, राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.5% से नीचे, मौद्रिक और व्यापार क्षेत्रों में नीतिगत सुधार। |
| दीर्घकालिक दृष्टिकोण | भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है, जिसकी वृद्धि निजी खपत, निवेश और नीतिगत उपायों से समर्थित है। |

