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भारत-रूस नौसैनिक सहयोग में मील का पत्थर: INS तुषिल

भारत-रूस नौसैनिक सहयोग में मील का पत्थर: INS तुषिल
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भारत-रूस नौसैनिक सहयोग में मील का पत्थर: INS तुषिल

पहलूविवरण
घटनारूस के कलिनिनग्राद में भारतीय नौसेना में आईएनएस तुषिल का कमीशनिंग।
तिथि/स्थानकलिनिनग्राद, रूस।
मुख्य उपस्थित लोगरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी।
सौदा2016 में हुए 2.5 अरब डॉलर के सौदे का हिस्सा, जिसमें चार स्टील्थ फ्रिगेट शामिल हैं।
वर्गप्रोजेक्ट 1135.6 के तहत अपग्रेडेड क्रिवक-III क्लास फ्रिगेट।
स्वदेशी सामग्री26% स्वदेशी सामग्री, जिसमें ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी भारतीय कंपनियाँ शामिल हैं।
विशेषताएँ3,900 टन वजन, 125 मीटर लंबाई, उन्नत स्टील्थ और स्थिरता विशेषताएँ।
रणनीतिक भूमिकाभारतीय महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारत की परिचालन क्षमता को बढ़ाना।
प्रतिकार उपायआईओआर में चीनी पीएलए नौसेना की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला करना।
भारत की समुद्र दृष्टिप्रधानमंत्री मोदी के SAGAR (सुरक्षा और विकास के लिए समुद्री क्षेत्र) पहल के अनुरूप।
परिचालन तैनातीभारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े में शामिल होगा।
सहयोगी संगठनसेवर्नोये डिज़ाइन ब्यूरो (रूस); भारतीय कंपनियाँ: केल्ट्रॉन, नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम्स (टाटा), एल्कोम मरीन, जॉनसन कंट्रोल्स इंडिया।

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