| समाचार में क्यों? | अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस अब एक संधि आधारित संगठन |
| लॉन्च तिथि | 9 अप्रैल, 2023 |
| मुख्यालय | भारत (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) |
| शामिल प्रजातियाँ | बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर, प्यूमा |
| उद्देश्य | बड़ी बिल्ली प्रजातियों का वैश्विक संरक्षण, अवैध वन्यजीव व्यापार की रोकथाम और जलवायु परिवर्तन से निपटना |
| आधिकारिक स्थिति | 23 जनवरी, 2025 से संधि आधारित अंतरसरकारी संगठन |
| समर्थन प्राप्त देशों की संख्या | 5 देश (भारत, निकारागुआ, एस्वातिनी, सोमालिया, लाइबेरिया) |
| रुचि व्यक्त करने वाले देश | 27 देश |
| बजट | ₹150 करोड़ (2023-28) |
| वित्त पोषण स्रोत | भारत सरकार, अंतर्राष्ट्रीय योगदान |
| कार्य | संरक्षण, शोध, वित्तपोषण, वकालत, संसाधन जुटाना |
| महानिदेशक | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नियुक्त |
| मॉडल | अंतर्राष्ट्रीय सोलर एलायंस (ISA) |
| नीति संरेखण | संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (SDGs) |
| मुख्य लक्ष्य | प्रजाति संरक्षण, अवैध शिकार रोकथाम, परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, जलवायु परिवर्तन शमन |
| मुख्य क्षेत्र | संरक्षण, अवैध वन्यजीव व्यापार, वित्तीय व तकनीकी सहायता, जलवायु परिवर्तन, शोध और निगरानी |
| शासन | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नियुक्त महानिदेशक के नेतृत्व में |