| कार्यक्रम | अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस |
| तिथि | 11 अक्टूबर |
| 2024 की थीम | बालिकाओं की भविष्य की दृष्टि |
| वैश्विक संदर्भ | विश्व भर में कई संकट बालिकाओं को असमान रूप से प्रभावित करते हैं। |
| चुनौतियाँ | जलवायु संकट, संघर्ष, गरीबी, और आर्थिक चुनौतियाँ। |
| जलवायु संकट का प्रभाव | शिक्षा में व्यवधान, बाल विवाह का बढ़ता खतरा, संसाधनों तक सीमित पहुंच, विस्थापन। |
| संघर्ष का प्रभाव | हिंसा का सामना, जबरन विस्थापन, शिक्षा में बाधा, आघात। |
| गरीबी का प्रभाव | शिक्षा तक सीमित पहुंच, अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा, कम आर्थिक संभावनाएं, लैंगिक असमानताएं। |
| लचीलापन | बालिकाएं साहस और आशा दिखाती हैं, एक सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त दुनिया के लिए कार्रवाई करती हैं। |
| वैश्विक बालिका जनसंख्या | 1.1 अरब से अधिक बालिकाएं। |
| सशक्तिकरण का प्रभाव | परिवारों का परिवर्तन, समुदाय की मजबूती, आर्थिक क्रांति, सामाजिक प्रगति। |
| सहयोगियों की भूमिका | सक्रिय सुनना, सार्थक जवाब, ठोस समर्थन, अवसरों का निर्माण। |
| निवेश का प्रभाव | बढ़ी हुई आर्थिक उत्पादकता, समान समुदाय, सामाजिक स्थिरता, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा परिणाम। |
| ऐतिहासिक संदर्भ | बीजिंग घोषणापत्र और कार्रवाई मंच (1995), बालिकाओं के अधिकारों पर पहला अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेज। |
| संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव | प्रस्ताव 66/170 (2011), जिसमें 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस घोषित किया गया। |