| कार्यक्रम का नाम | अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव (भगवद्गीता जयंती समारोह) |
| महत्व | श्रीमद्भगवद्गीता के जन्म का उत्सव मनाता है, जो धर्म (न्याय), कर्म (कर्तव्य), और ज्ञान (विद्या) पर इसकी आध्यात्मिक और दार्शनिक शिक्षाओं को उजागर करता है। |
| आयोजक | कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और हरियाणा पर्यटन। |
| कार्यक्रम की तिथियाँ | 28 नवंबर, 2024 से 15 दिसंबर, 2024। |
| मुख्य स्थल | ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा। |
| मुख्य कार्यक्रम | • शिल्प और सरस मेला: 28 नवंबर - 15 दिसंबर। |
| • उद्घाटन समारोह (5 दिसंबर, 2024): गीता यज्ञ, पूजन, मंडपों का उद्घाटन, अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी, भजन संध्या, महा आरती, सांस्कृतिक संध्या। |
| • वैश्विक गीता पाठ: 11 दिसंबर, जिसमें 18,000 छात्र भाग लेंगे। |
| • गीता शोभा यात्रा, दीपोत्सव और महा आरती: 11 दिसंबर। |
| • संत सम्मेलन (9 दिसंबर) और अखिल भारतीय देवस्थान सम्मेलन (10 दिसंबर)। |
| मुख्य विशेषताएँ | • अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में। |
| • सांस्कृतिक संध्या जिसमें हरियाणा, ओडिशा (सहयोगी राज्य), और तंजानिया (सहयोगी देश) के प्रदर्शन होंगे। |
| • बच्चों के लिए प्रतियोगिताएँ: गीता पाठ, नाटक और नृत्य। |
| • गीता पुस्तक मेला हरियाणा ग्रंथ अकादमी द्वारा आयोजित। |
| • सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक पहलुओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियाँ। |
| ऐतिहासिक संदर्भ | भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में 5152 वर्ष पूर्व श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश देने की घटना को याद करता है। |
| वैश्विक अपील | अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सार्वभौमिक आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ावा देता है और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करता है। |