ईरान ने चमरान-1 शोध उपग्रह लॉन्च किया
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | ईरान ने अपने चमरान-1 शोध उपग्रह को कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। |
| तिथि | शनिवार (नवीनतम प्रक्षेपण)। |
| मिशन | कक्षीय यांत्रिकी प्रौद्योगिकी के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सिस्टम का परीक्षण करना। |
| वाहक रॉकेट | ग़ाएम-100, जो IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) द्वारा निर्मित है। |
| वाहक का प्रकार | पहला तीन-चरण, ठोस ईंधन वाला उपग्रह प्रक्षेपक। |
| कक्षा की ऊंचाई | 500 किमी (310 मील) से अधिक। |
| आलोचना | पश्चिमी सरकारें चेतावनी देती हैं कि यह तकनीक बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। |
| आरोप | अमेरिका और यूरोपीय देश ईरान पर रूस को मिसाइलें हस्तांतरित करने का आरोप लगाते हैं। |
| ईरान का पक्ष | ईरान का दावा है कि प्रक्षेपण केवल नागरिक या रक्षा उद्देश्यों के लिए हैं। |

