ISRO का ऐतिहासिक 100वाँ प्रक्षेपण: NVS-02 और NavIC
| सारांश/स्थिर | विवरण |
|---|---|
| समाचार में क्यों? | इसरो ने NVS-02 लॉन्च किया, श्रीहरिकोटा से 100वां मिशन पूरा किया |
| मिशन का नाम | GSLV-F15/NVS-02 |
| लॉन्च की तारीख | 29 जनवरी, 2025 |
| लॉन्च स्थल | श्रीहरिकोटा (सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र) |
| प्रयुक्त रॉकेट | GSLV-F15 |
| उपग्रह | NVS-02 (NavIC श्रृंखला) |
| कक्षा स्थापना | जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) |
| महत्व | श्रीहरिकोटा से 100वां लॉन्च |
| इसरो द्वारा लॉन्च किए गए कुल उपग्रह | 548 |
| कुल पेलोड वजन | 120 टन |
| भारतीय उपग्रह लॉन्च किए गए | 433 |
| विदेशी उपग्रह लॉन्च किए गए | 115 |
| विदेशी पेलोड वजन | 23 टन |
| NavIC सेवाएँ | स्टैंडर्ड पोजिशनिंग सर्विस (SPS) और प्रतिबंधित सेवा (RS) |
| NavIC की सटीकता | स्थिति: <20 मीटर, समय: <40 नैनोसेकंड |
| प्राथमिक सेवा क्षेत्र | भारत और भारतीय भूभाग से 1,500 किमी दूर तक |
| NVS-02 पेलोड बैंड | L1, L5, S बैंड + रेंजिंग के लिए C-बैंड |
| एटॉमिक क्लॉक | स्वदेशी और प्राप्त एटॉमिक क्लॉक्स का संयोजन |
| भविष्य के NVS उपग्रह | NVS-03, NVS-04, NVS-05 |
| NavIC के अनुप्रयोग | सैन्य और रणनीतिक उपयोग, शिपिंग जहाज ट्रैकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग और सुरक्षा अलर्ट, आपदा प्रबंधन और चेतावनी प्रणाली, महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए समय सिंक्रोनाइजेशन |

