कर्नाटक सरकार ने बाइक टैक्सियों पर हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| मामला किसने दायर किया | कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के 23 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी गई है। |
| हाई कोर्ट का आदेश | हाई कोर्ट ने मोटरसाइकिलों को परिवहन वाहनों के रूप में पंजीकृत करने और बाइक टैक्सी संचालन के लिए परमिट देने पर विचार करने का निर्देश दिया था। यह मामला Ola, Uber, Rapido और Bike Taxi Welfare Association द्वारा बाइक टैक्सियों पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दायर अपीलों से संबंधित था। |
| कर्नाटक सरकार के तर्क | - यात्रियों की सुरक्षा: चार पहिया वाहनों की तुलना में दोपहिया वाहनों में जोखिम अधिक।<br>- कोई नियामक ढांचा नहीं: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत बाइक टैक्सियों के लिए स्पष्ट नियामक व्यवस्था का अभाव।<br>- बीमा संबंधी अनिश्चितता: व्यावसायिक यात्री परिवहन के लिए बीमा कवरेज को लेकर अस्पष्टता।<br>- यातायात, प्रदूषण और दुर्घटना से होने वाली मौतों को लेकर चिंताएँ। |

