| घटना | ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर |
| तिथि | 10 मई, 2025 |
| स्थान | भोपाल, अंतर-राज्य नियंत्रण बोर्ड की बैठक के दौरान |
| शामिल राज्य | मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र |
| अनुमानित लागत | ₹19,244 करोड़ (2022-23 के अनुमान) |
| अपेक्षित केंद्रीय वित्त पोषण | 90% |
| जल उपयोग (कुल) | 31.13 टीएमसी (TMC - Thousand Million Cubic Feet) |
| जल उपयोग (मध्य प्रदेश) | 11.76 टीएमसी |
| जल उपयोग (महाराष्ट्र) | 19.36 टीएमसी |
| उद्देश्य | पानी की कमी को दूर करना, पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना, सिंचाई को बढ़ावा देना |
| कवर किए गए जिले (मध्य प्रदेश) | बुरहानपुर, खंडवा (1,23,082 हेक्टेयर) |
| कवर किए गए जिले (महाराष्ट्र) | जलगाँव, अकोला, बुलढाणा, अमरावती (2,34,706 हेक्टेयर) |
| भूमि उपयोग | मध्य प्रदेश में 3,362 हेक्टेयर (किसी विस्थापन/पुनर्वास की आवश्यकता नहीं) |
| सिंचाई प्रभाव | 3.5 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए स्थायी सिंचाई |
| रिचार्ज योजना स्थिति | दुनिया की सबसे बड़ी रिचार्ज परियोजना |
| ताप्ती नदी का उद्गम | बैतूल जिला, मध्य प्रदेश |
| ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | 1990 के दशक में देवेंद्र फडणवीस के नागपुर के मेयर के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित |
| नियंत्रण बोर्ड बैठक | 25 वर्षों के बाद पहली बैठक (अंतिम बैठक 2000 में हुई थी) |
| अगली बैठक | अक्टूबर 2025 के लिए निर्धारित |
| महत्व | अंतर-राज्यीय सहयोग को मजबूत करता है, दीर्घकालिक जल समाधान, टिकाऊ कृषि, जलवायु अनुकूलन, क्षेत्रीय जल संतुलन में सुधार करता है |