भिवंडी में महाराष्ट्र के पहले छत्रपती शिवाजी महाराज मंदिर का उद्घाटन
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | महाराष्ट्र के पहले शिवाजी महाराज मंदिर का भिवंडी, ठाणे में उद्घाटन |
| तिथि | शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर |
| उद्घाटनकर्ता | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस |
| महत्व | छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, साहस और विरासत को श्रद्धांजलि |
| वास्तुकार | विजयकुमार पाटिल |
| मुख्य विशेषताएं | - 42-फुट का प्रवेश द्वार और किले जैसी परिधि दीवारें |
| - 6.5-फुट की शिवाजी महाराज की मूर्ति अरुण योगीराज द्वारा निर्मित | |
| - शिवाजी के जीवन की प्रमुख घटनाओं को दर्शाते 36 खंड | |
| - 5,000 वर्ग फुट परिसर में 2,500 वर्ग फुट का मंदिर | |
| सांस्कृतिक स्थिति | मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे तीर्थ स्थल घोषित करने की योजना की घोषणा की |
| ऐतिहासिक संबंध | मराठा किला वास्तुकला से प्रेरित, शिवाजी महाराज की सैन्य विरासत को दर्शाता हुआ |
| आध्यात्मिक महत्व | भक्तों को अन्य देवताओं का आशीर्वाद लेने से पहले शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया |
| प्रत्याशित प्रभाव | - पर्यटन और तीर्थ यात्रा का केंद्र |
| - मराठा विरासत का प्रतीक |

