| आयोजन | राष्ट्रीय डाक दिवस |
| तिथि | प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर |
| ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | 10 अक्टूबर 1854 को ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित |
| विकास | डाक प्रसारण से वित्तीय सेवाओं, बीमा, डिजिटल समाधान और सरकारी सेवा वितरण तक संक्रमण |
| आधुनिक सेवाएँ | वित्तीय समावेशन, डिजिटल कनेक्टिविटी, सरकारी सेवाएँ, बीमा और निवेश शामिल |
| प्रौद्योगिकी एकीकरण | कंप्यूटरीकरण, डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन धन हस्तांतरण और ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी की विशेषता |
| राष्ट्रीय डाक सप्ताह | 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक मनाया जाता है |
| थीम-आधारित दिवस | 10 अक्टूबर: राष्ट्रीय डाक दिवस, 11 अक्टूबर: पीएलआई दिवस, 12 अक्टूबर: डाक टिकट संग्रह दिवस, 13 अक्टूबर: व्यावसायिक विकास दिवस, 14 अक्टूबर: बैंकिंग दिवस, 15 अक्टूबर: डाक दिवस |
| गतिविधियाँ | डाक टिकट प्रदर्शनी, जन जागरूकता अभियान, सम्मान समारोह, शैक्षिक कार्यक्रम, ग्राहक संपर्क |
| सामुदायिक प्रभाव | शहरी-ग्रामीण विभाजन को कम करना, रोजगार प्रदान करना, छोटे व्यवसायों का समर्थन, सरकारी योजनाओं को सुगम बनाना |
| वित्तीय समावेशन | बचत खाते, बीमा, धन हस्तांतरण और सरकारी पेंशन वितरण की सुविधा |
| भविष्य की चुनौतियाँ | डिजिटलीकरण के अनुकूलन, प्रासंगिकता बनाए रखना, नेटवर्क का लाभ उठाना, परंपरा और नवाचार के बीच संतुलन |
| आधुनिकीकरण पहल | नई प्रौद्योगिकी का कार्यान्वयन, उन्नत ग्राहक सेवा, सेवाओं का विविधीकरण, स्थिरता पर ध्यान |