| कार्यक्रम | राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस |
| तिथि | भारत में हर साल 11 अप्रैल |
| महत्व | कस्तूरबा गांधी की जयंती मनाता है, मातृ स्वास्थ्य सेवा पर जोर देता है। |
| द्वारा शुरू किया गया | व्हाइट रिबन एलायंस इंडिया (WRAI) द्वारा 2003 में |
| 2025 का विषय | "स्वस्थ शुरुआत, आशाजनक भविष्य" ("Healthy Beginnings, Hopeful Futures") |
| मुख्य उद्देश्य | जागरूकता बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ावा देना, मातृ मृत्यु दर को रोकना, कुपोषण से लड़ना, महिलाओं को सशक्त बनाना, कुशल जन्म परिचर्या की वकालत करना। |
| सुरक्षित मातृत्व के 5 स्तंभ | परिवार नियोजन, प्रसवपूर्व देखभाल, पेशेवर जन्म परिचर्या, आपातकालीन देखभाल, प्रसवोत्तर देखभाल। |
| चुनौतियाँ | स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुंच, कुशल जन्म परिचरों की कमी, गरीबी, कुपोषण, सांस्कृतिक बाधाएँ, कम स्वास्थ्य जागरूकता, आपातकालीन देखभाल की कमी, प्रसवोत्तर उपेक्षा। |
| सरकारी पहलें | जननी सुरक्षा योजना (JSY), प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA), पोषण अभियान, लाक्ष्य पहल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (MCTS)। |
| महत्व | मातृ स्वास्थ्य को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में जोर देता है, सहयोग को प्रोत्साहित करता है, महिलाओं के स्वास्थ्य में निवेश को बढ़ावा देता है। |
| आगे की राह | पीएचसी को मजबूत करना, गुणवत्ता आश्वासन, मानसिक स्वास्थ्य एकीकरण, सामुदायिक जुड़ाव, प्रौद्योगिकी का उपयोग, किशोरों पर ध्यान केंद्रित करना, डेटा-संचालित नीतियां। |
| अंतर-विभागीय कारक | जाति और जातीयता, भौगोलिक विषमताएँ, निम्न साक्षरता स्तर, आर्थिक बाधाएँ, लैंगिक भेदभाव, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव। |