नेपाल-चीन BRI समझौते की प्रमुख जानकारी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| खबरों में क्यों | नेपाल और चीन ने प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की चीन यात्रा के दौरान बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) सहयोग ढांचे पर हस्ताक्षर किए। इसमें BRI के तहत कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और निवेश पर मुख्य ध्यान दिया गया। वित्तीय शर्तें अनुदान से बदलकर निवेश कर दी गईं। |
| हस्ताक्षर करने वाले पक्ष | नेपाल: विदेश सचिव अमृत बहादुर राई; चीन: लियू सुशे, राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उपाध्यक्ष। |
| नेपाल के प्रधानमंत्री | के पी शर्मा ओली (चौथा कार्यकाल)। |
| नेपाल की राजधानी | काठमांडू। |
| चीन की पहल | बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का उद्देश्य बुनियादी ढांचे के माध्यम से एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों को जोड़ना है। |
| मुख्य ढांचे का फोकस | ट्रांस-हिमालयन मल्टी-डायमेंशनल कनेक्टिविटी नेटवर्क (THMDCN) के तहत बंदरगाह, सड़कें, रेलवे, विमानन, बिजली ग्रिड और दूरसंचार। |
| प्रारंभिक BRI पर हस्ताक्षर वर्ष | 2017 (2024 में ढांचा समझौते से पहले कोई परियोजना लागू नहीं की गई)। |
| विवादास्पद शर्तों में बदलाव | चीन ने अनुदान को निवेश में बदल दिया, बाद में इसमें सहायता और तकनीकी सहयोग शामिल किया गया। |

