अफ्रीका में नया मलेरिया टीका R21/Matrix-M लॉन्च
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| टीके का नाम | R21/Matrix-M |
| विकसित किया गया | सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय |
| लॉन्च स्थान | अफ़्रीका |
| पहला प्रशासित करने वाला देश | कोटे डी आइवर (पश्चिम अफ्रीका में पहला) |
| मंजूरी | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 2023 में अनुमोदित |
| प्रभावशीलता | अत्यधिक प्रभावी और सस्ती |
| उत्पादन | कम खुराक, त्वरित और विस्तार योग्य उत्पादन |
| उत्पादित खुराक | 25 मिलियन खुराक |
| वार्षिक उत्पादन क्षमता | 100 मिलियन खुराक |
| वर्तमान लक्ष्य | कोटे डी आइवर के 16 क्षेत्रों में 250,000 बच्चे (23 महीने और उससे बड़े) |
| अफ़्रीका को भेजी गई कुल खुराक | 656,600 खुराक |
| अधिकृत देश | घाना, नाइजीरिया, बुर्किना फासो, मध्य अफ्रीकी गणराज्य |
| मुख्य बयान | - अदार पूनावाला (सीरम इंस्टीट्यूट CEO): सस्ती पहुंच के लिए 100 मिलियन खुराक उत्पादन की प्रतिबद्धता। <br> - प्रोफेसर एड्रियन हिल (ऑक्सफोर्ड): मलेरिया नियंत्रण में एक नए युग की शुरुआत। <br> - जॉन सी. जैकब्स (नोवावैक्स CEO): मलेरिया के विनाशकारी प्रभाव को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार। |

