| योजना का नाम | पीएम सेतु (प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन एवं तकनीकी उन्नयन) |
| द्वारा लॉन्च किया गया | पीएम नरेंद्र मोदी |
| लॉन्च की तिथि | 4 अक्टूबर 2025 |
| स्थान | विज्ञान भवन, नई दिल्ली |
| बजट | ₹60,000 करोड़ |
| कार्यान्वयन अवधि | 2025-2030 (पांच वर्ष) |
| कवरेज | 1,000 आईटीआई (200 हब + 800 स्पोक) |
| लाभार्थी | लगभग 2 मिलियन युवा को रोजगार योग्य कौशल प्राप्त होने की उम्मीद है। |
| प्रौद्योगिकी फोकस | एसएपी-आधारित डिजिटल लर्निंग और प्रबंधन प्रणाली, स्मार्ट लैब, एआई-संचालित मूल्यांकन। |
| उद्देश्य | आईटीआई प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के साथ संरेखित करना, साझेदारी को मजबूत करना। |
| मुख्य विशेषताएं | बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, वैश्विक-मानक प्रयोगशालाएं, उद्योग भागीदारी, समग्र विकास। |
| राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) | लुधियाना, कानपुर, भुवनेश्वर, हैदराबाद, चेन्नई में पांच एनसीओई। |
| चरण 1 कार्यान्वयन | सोनीपत, विशाखापट्टनम, बिजनौर, मेरठ, हरिद्वार, उज्जैन, बेंगलुरु, भरतपुर, दरभंगा, पटना, होशियारपुर, हैदराबाद, संबलपुर, चेन्नई, गुवाहाटी में 15 आईटीआई क्लस्टर। |
| महत्व | कौशल अंतर को पाटता है, युवाओं को सशक्त बनाता है, मेक इन इंडिया का समर्थन करता है, उद्यमिता को बढ़ावा देता है, डिजिटल इंडिया लक्ष्यों को आगे बढ़ाता है। |
| स्थैतिक तथ्य | योजना विकसित भारत @2047 के साथ संरेखित है और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करती है। |