| कार्यक्रम | राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस |
| तिथि | वार्षिक रूप से 24 अप्रैल |
| प्रथम आयोजन | 2010 |
| उत्पत्ति | 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम (1993) का प्रवर्तन |
| उद्देश्य | पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) का उत्सव, जमीनी स्तर पर शासन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना |
| 73वें संशोधन प्रावधान | त्रि-स्तरीय प्रणाली: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद; आरक्षण: महिलाएं, एससी, एसटी; नियमित चुनाव: हर 5 साल में; वित्तीय स्वायत्तता: संसाधन जुटाने की शक्तियां |
| प्रमुख आयोग | राज्य वित्त आयोग, राज्य चुनाव आयोग |
| उद्देश्य | स्थानीय स्व-शासन को मजबूत करना, पीआरआई की भूमिका का उत्सव मनाना, विकेंद्रीकरण पर जागरूकता बढ़ाना, पंचायत प्रतिनिधियों को प्रेरित करना |
| डिजिटल पहल | ई-पंचायत परियोजना, स्वामित्व योजना, पारदर्शिता, वास्तविक समय शासन और डिजिटल सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करना |
| उत्सव गतिविधियाँ | पुरस्कार वितरण (जैसे, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार), कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, डिजिटल पंचायत प्लेटफार्मों का प्रचार |
| पीएम मोदी की बिहार यात्रा | तिथि: 24 अप्रैल 2025; स्थान: मधुबनी, बिहार; कार्यक्रम: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस |
| विकास परियोजनाएँ | कुल मूल्य: ₹13,480 करोड़ से अधिक; हथुआ (गोपालगंज) में एलपीजी संयंत्र: ₹340 करोड़; विद्युत परियोजनाएँ: ₹1,170 करोड़ (शिलान्यास), ₹5,030 करोड़ (उद्घाटन) |
| रेल परियोजनाएँ | अमृत भारत एक्सप्रेस: सहरसा से मुंबई; नमो भारत रैपिड रेल: जयनगर से पटना; नए मार्ग: सुपौल-पिपरा, हसनपुर-बिथान |
| कल्याण पहल | DAY-NRLM के तहत 2 लाख स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) को ₹930 करोड़ वितरित; मंजूरी पत्र: 15 लाख पीएमएवाई-ग्रामीण लाभार्थी; किश्तें: 10 लाख लाभार्थी; गृह प्रवेश: 1.54 लाख घर |