राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारत का पहला अंतर-राज्यीय चीता संरक्षण गलियारा
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | राजस्थान मध्य प्रदेश के साथ मिलकर भारत का पहला अंतर-राज्यीय चीता संरक्षण गलियारा स्थापित करने जा रहा है। |
| कुल क्षेत्रफल | 17,000 वर्ग किमी (मध्य प्रदेश: 10,500 वर्ग किमी; राजस्थान: 6,500 वर्ग किमी) |
| संरक्षित स्थल | कूनो राष्ट्रीय उद्यान, गांधी सागर अभयारण्य (मध्य प्रदेश), मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (राजस्थान) |
| **राजस्थान में जिले ** | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली, चित्तौड़गढ़ |
| प्रमुख एजेंसियां | भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) |
| प्रोजेक्ट चीता | 2022 में शुरू; पहले चीते नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कूनो राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किए गए। |
| ऐतिहासिक संदर्भ | भारत ने चीतों को 1952 में विलुप्त घोषित किया; पुनर्वास एशिया में अपनी तरह का पहला है। |
| उद्देश्य | चीतों के लिए सुरक्षित मार्ग, आनुवंशिक विविधता, पर्यावरण-पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण में अंतर-राज्यीय सहयोग। |
| समझौता ज्ञापन (MoU) स्थिति | राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित। |

