आरबीआई ने वीआरआर नीलामी के जरिए ₹2.5 लाख करोड़ की तरलता जारी की
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| चर्चा में क्यों? | RBI विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और राजकोषीय बहिर्वाह के कारण उत्पन्न तरलता की कमी को दूर करने के लिए वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में ₹2.5 लाख करोड़ जलसेचन कर रहा है। कार्यदिवसों पर दैनिक VRR नीलामी आयोजित की जाएगी, जिसका उलटफेर अगले कार्यदिवस पर किया जाएगा। |
| तरलता जलसेचन राशि | ₹2.5 लाख करोड़ |
| उपयोग की गई विधि | वेरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी |
| आवृत्ति | कार्यदिवसों पर दैनिक नीलामी |
| तरलता की कमी का कारण | विदेशी मुद्रा बाजार हस्तक्षेप, राजकोषीय बहिर्वाह और आर्थिक स्थितियाँ |
| रेपो दर में कटौती | 25 आधार अंक (bps), अब 6.25% |
| RBI द्वारा बॉन्ड खरीद | ₹40,000 करोड़ तक बढ़ाई गई |
| भविष्य में अपेक्षित उपाय | ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO), विदेशी मुद्रा स्वैप यदि तरलता और कसती है |
| लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) कार्यान्वयन | 31 मार्च 2026 तक स्थगित |
| RBI गवर्नर | संजय मल्होत्रा |

